छीपा कला के पुर्नजीवन की ‘आशा’
छीपा कला कपड़ों पर रंगकारी की एक ऐसी कला जो कई सौ सालों में फली-फूली आगे बढ़ी। तकरीबन पचास साल पहले मशीनों के बढ़ते प्रयोग से बेदम होती चली गई। तकरीबन गायब ही हो गई। इसको अपनाने वाले परिवारों के आगे रोजी-रोटी का संकट होता चला गया, वे कोयला खदानों में मजदूर बन गए या किसी और काम में लग गए।
छीपा कला के पुर्नजीवन की ‘आशा’ Read More »










