कहानियां
उसके न दिखने की खुशी और सुकून
आज फिर इतने सालों के बाद वैसा ही मंजर सामने आया। अपने ऑफिस जाने के लिए मैं रोज एक ही रास्ते से जाती हूं। आज मुझे रास्ते में एक चौराहे…
लडवारी की महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
बुंदेलखंड अंचल के गांवों में जहां जनजीवन कर्ज के जाल में फंसा हुआ है वहीं लडवारी गांव की महिलाएं मंजरी फाउंडेशन से जुड़कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा…
माया का जीवन संघर्ष: एक संदेश
संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, सही सहयोग, अवसर और आत्मविश्वास से जीवन की दिशा बदली जा सकती है। परिवार की आर्थिक तंगी, बाल विवाह और फिर घरेलू…
विस्थापित बैगाओं को मिला मछली पालन का सहारा
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के दलदली बोदई गांव में पुस्तैनी रूप से रह रहे बैगा जनजातीय परिवारों को 26 साल पहले बालको-वेदांता कंपनी की बॉक्साइट खनन परियोजना के कारण विस्थापित…
संगम का जुनूनी सफर
जमुई बिहार के सिमुलतला प्रखण्ड के एक छोटे से गांव वनगवां से शुरू होने वाली संगम कुमारी की कहानी केवल एक लड़की की नहीं, बल्कि उस जिद, साहस और आत्मसम्मान…
सुकमती का जीवन संघर्ष
वर्धा की लाल मिट्टी में एक ख़ासियत है वह जो कुछ भी सोखती है, उसे भीतर ही रखती है। बारिश सोख लेती है, आंसू सोख लेती है, और कभी-कभी पूरी…
लैंगिक समानता के लिए “समावेशी क्रिकेट”
हरदा शहर अभी पूरी तरह जागा भी नहीं था। हल्की ठंडी हवा चल रही थी और मैदान के एक कोने में 12 से 20 साल की कुछ स्कूल और कॉलेज…
बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक मुहिम जारी है !
लगभग पांच दशक पहले कुछ युवाओं ने अपने समाज की पीड़ा को बहुत करीब से महसूस किया। तब दलित समुदाय के लोग छुआछूत, अपमान और अमानवीय जीवन जीने को मजबूर…
बेघर लड़कियों का एक हौसला
साल 1984 की बात है। पुणे जिले के एक छोटे से गांव में प्रभा नाम की एक नन्ही बच्ची रहती थी। वह तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। हर रोज़ जब…
ऐसे पूरी हुई चाहत की चाहत
यह बात 15 जुलाई 2024 की है, बरसात का मौसम था, बारिश होकर थम चुकी थी। ठंडी-ठंडी हवाएं चल रही थीं और चारों तरफ हरियाली ही हरियाली थी। हवा के…
हीरा खदान के मजदूर अरविंद की पहल
बहुमूल्य रत्न हीरा के लिए ख्यात मप्र के पन्ना जिले के गरीब आदिवासी मजदूरों की स्थति बहुत ही चिंताजनक है। यहां दो वक्त की रोजी रोटी के लिए सिर पर…
मिट्टी से अपनी नई पहचान गढ़ रही हैं महिलाएं
महासमुंद शहर के वार्ड क्रमांक 26 में रहने वाली कुम्हार समाज की महिलाएं आज अपनी मेहनत, कला और एकजुटता के दम पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। कभी…
