लीडर्स की कहानियां

प्यार का बंधन

सामाजिक क्षेत्र को लेकर शुरुआती संकोच अब पीछे छूट चुका है। आंचल गर्डिया अब पूरे आत्मविश्वास के साथ काम कर रही हैं। उन्हें अपने कार्यक्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं का मजबूत…

प्यार और समर्पण की कहानी

पिछले 20 सालों में चंद्रकांत ने छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की बैगा जनजाति के साथ ऐसा गहरा रिश्ता बना लिया है, जो सिर्फ काम तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता…

विरासत को आगे बढ़ाने की कहानी

न तो उनके सामाजिक कार्यकर्ता पिता चाहते थे कि दिनेश पुरी इस क्षेत्र में आएं, और न ही खुद दिनेश की इसमें कोई खास रुचि थी। लेकिन परिस्थितियों और अंदरूनी…

ठुकराई गई, लेकिन हारी नहीं

बचपन में ही अपने पिता द्वारा ठुकरा दी गई एक लड़की। हालात ऐसे थे कि कोई भी टूट सकता था। लेकिन ईशा टंडन ने हार नहीं मानी। उन्होंने न सिर्फ…

समुदाय के लिए समर्पण

उन्होंने एक आरामदायक और सफल करियर छोड़ दिया। मुंबई जैसी जगह की नौकरी को अलविदा कहा। वजह सिर्फ एक थी—अपने गांव और वहां के लोगों के लिए काम करना। जगवीर…

‘सक्षम’ होकर बने दूसरों का सहारा

खेमचंद के भीतर दूसरों की मदद करने का जुनून साफ दिखाई देता है। वह चाहते तो कोई और काम करके ज्यादा पैसे कमा सकते थे। एक आसान जिंदगी चुन सकते…
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