प्यार का बंधन
सामाजिक क्षेत्र को लेकर शुरुआती संकोच अब पीछे छूट चुका है। आंचल गर्डिया अब पूरे आत्मविश्वास के साथ काम कर रही हैं। उन्हें अपने कार्यक्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं का मजबूत साथ मिला है। इसी सहारे उन्होंने अपनी मां की आर्थिक संकट से जूझ रही संस्था को फिर से खड़ा करने की जिम्मेदारी उठाई है।






