कहानियां
संगम का जुनूनी सफर
जमुई बिहार के सिमुलतला प्रखण्ड के एक छोटे से गांव वनगवां से शुरू होने वाली संगम कुमारी की कहानी केवल एक लड़की की नहीं, बल्कि उस जिद, साहस और आत्मसम्मान…
सुकमती का जीवन संघर्ष
वर्धा की लाल मिट्टी में एक ख़ासियत है वह जो कुछ भी सोखती है, उसे भीतर ही रखती है। बारिश सोख लेती है, आंसू सोख लेती है, और कभी-कभी पूरी…
लैंगिक समानता के लिए “समावेशी क्रिकेट”
हरदा शहर अभी पूरी तरह जागा भी नहीं था। हल्की ठंडी हवा चल रही थी और मैदान के एक कोने में 12 से 20 साल की कुछ स्कूल और कॉलेज…
बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक मुहिम जारी है !
लगभग पांच दशक पहले कुछ युवाओं ने अपने समाज की पीड़ा को बहुत करीब से महसूस किया। तब दलित समुदाय के लोग छुआछूत, अपमान और अमानवीय जीवन जीने को मजबूर…
बेघर लड़कियों का एक हौसला
साल 1984 की बात है। पुणे जिले के एक छोटे से गांव में प्रभा नाम की एक नन्ही बच्ची रहती थी। वह तीसरी कक्षा में पढ़ती थी। हर रोज़ जब…
ऐसे पूरी हुई चाहत की चाहत
यह बात 15 जुलाई 2024 की है, बरसात का मौसम था, बारिश होकर थम चुकी थी। ठंडी-ठंडी हवाएं चल रही थीं और चारों तरफ हरियाली ही हरियाली थी। हवा के…
हीरा खदान के मजदूर अरविंद की पहल
बहुमूल्य रत्न हीरा के लिए ख्यात मप्र के पन्ना जिले के गरीब आदिवासी मजदूरों की स्थति बहुत ही चिंताजनक है। यहां दो वक्त की रोजी रोटी के लिए सिर पर…
मिट्टी से अपनी नई पहचान गढ़ रही हैं महिलाएं
महासमुंद शहर के वार्ड क्रमांक 26 में रहने वाली कुम्हार समाज की महिलाएं आज अपनी मेहनत, कला और एकजुटता के दम पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। कभी…
बाल स्वराज : बालमित्र दुनिया का एक सपना
बाल स्वराज यूं तो वाग्धारा संस्था द्वारा संचालित बच्चों के समूह का एक नाम है। इसके पीछे एक बालमित्र दुनिया बनाने का वह व्यापक सपना है जहां हर बच्चे को…
‘संवादिनी’ से सशक्त हो रही हैं किशोरियां
संवादिनी प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण पहल थी,किशोरी सशक्तिकरण केंद्र (AGEC) और महिलाओं के लिए संकट हस्तक्षेप केंद्र की स्थापना। इन केंद्रों का उद्देश्य था कि किशोरियों और महिलाओं…
आदिवासियों ने अपने खेतों के लिए मेहनत कर रास्ता बनाया
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पोहरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर एक छोटा सा गांव बसा है अहेरा मङखेड़ा। इस गांव में मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय के लोग…
बकरी चराने से बीएससी तक निशा की कहानी
कोटड़ी अजमेर नागौर और जयपुर की सीमा पर बसा एक गांव है। रुपनगढ़ से 19 किलोमीटर दूर बसे इस गांव का पानी खारा है, जिससे यहां पर खरीफ सीजन की…
