सितम्बर 2026

जब ग्राम सभा में पहुंचने लगी महिलाएं

यह कहानी झारखंड के हजारीबाग जिले के ग्राम पंचायत बच्छई की है, जहां कभी ग्राम सभा केवल औपचारिकता बनकर रह गई थी। महिलाओं की भागीदारी बेहद कम थी और उनके मुद्दे अनसुने रह जाते थे। लेकिन जागरूकता, प्रशिक्षण और निरंतर प्रयासों से वही ग्राम सभा आज महिलाओं के नेतृत्व और सक्रिय भागीदारी का सशक्त मंच बन चुकी है।

जब ग्राम सभा में पहुंचने लगी महिलाएं Read More »

सूदखोरी का जाल तोड़ती ‘धोड़ी बैंक

मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ जिले में एक समय ऐसा था जब सूरज ढलने के बाद केवल रात का अंधेरा ही नहीं, बल्कि कर्ज का काला साया भी गहरा जाता था। यहां गरीबी केवल फटे हुए कपड़ों या खाली थाली का नाम नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसी नियति बन चुकी थी जिससे निकलना नामुमकिन लगता था।

सूदखोरी का जाल तोड़ती ‘धोड़ी बैंक Read More »

‘हाथ सिर्फ मेहंदी नहीं, अब ऑइल से भी सना करेंगे’

खंडवा जिले के खालवा ब्लॉक के छोटे से गांव सांवलीखेड़ा की रहने वाली गायत्री कासदे आज सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि हौसले, आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। मात्र 8वीं तक पढ़ी गायत्री ने समाज की उन सोचों को चुनौती दी, जो यह मानती थीं कि लड़कियों का काम केवल घर संभालना है।

‘हाथ सिर्फ मेहंदी नहीं, अब ऑइल से भी सना करेंगे’ Read More »

जैविक खेती की ओर दूदू के किसान

दूदू की यह कहानी केवल खेती के बदलाव की नहीं, बल्कि एक पूरे समाज के बदलते जीवन की कहानी है। रासायनिक खेती के कारण बिगड़ती जमीन, पलायन करते युवा और बढ़ते अपराध के बीच एक नई राह की शुरुआत होती है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे सही मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास से न केवल खेती, बल्कि युवाओं का भविष्य भी बदला जा सकता है।

जैविक खेती की ओर दूदू के किसान Read More »

अपनी विज़िबिलिटी बढ़ाने का सोच रहे हैं, पहले यह पढ़ें

पिछले दिनों मुझे स्टोरी टेलिंग के एक सेशन में संस्थाओं की  विज़िबिलिटी पर बात करने का अवसर मिला। बातचीत अच्छी रही, जो कुछ कह पाया, वह यहां भी शेयर कर रहा हूं। आशा है आपको उपयोगी लगेगा।   राकेश कुमार मालवीय एक संस्था की डिजिटल विज़िबिलिटी उसकी वेबसाइट, सोशल मीडिया, वीडियो, पॉडकास्ट और दूसरे डिजिटल

अपनी विज़िबिलिटी बढ़ाने का सोच रहे हैं, पहले यह पढ़ें Read More »

Scroll to Top