रणनीतिक संचार संदर्भ सामग्री – भाग 1

संचार और रणनीतिक संचार

संचार जहाँ संवाद की एक सहज सामान्य प्रक्रिया है वहीं रणनीतिक संचार किसी खास लक्ष्य की प्राप्ति के इरादे से किया जाता है।

संचार एक निरंतर प्रक्रिया है जो एक व्यक्ति स्वयं से और दूसरे व्यक्ति/व्यक्तियों, संस्था/संस्थाओं आदि के साथ करता रहता है। संचार का अर्थ जहाँ अपनी बात, अपने विचारों को सामने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के समूह या किसी संस्था तक पहुँचाना वहीं किसी प्रभावशाली अथवा रणनीतिक संचार का अर्थ है एक ऐसी अवधारणा या प्रक्रिया को लक्षित समूह तक पहुँचाना जो किसी संस्था के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक हो तथा इसके लिए अग्रिम योजना तैयार करने का अवसर देती है।

सामाजिक संस्थाओं के लिए रणनीतिक संचार इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह न केवल समाज और संस्थाओं के बीच की दूरी पाटने में मदद करता है बल्कि इसकी मदद से वे अपने काम और अपने बारे में व्यापक समाज के विभिन्न अंशधारकों मसलन जनप्रतिनिधियों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं आदि की राय को सकारात्मक बना पाते हैं।

रणनीतिक संचार सामाजिक संस्थाओं के काम को प्रभावी बनाकर तथा उनके लक्ष्य में सफलता लाकर उसकी प्राप्ति को सहज बनाता है। रणनीतिक संचार की सहायता से ही संस्थाएँ अपने काम को अधिक परिणामदायक बना सकती हैं। रणनीतिक संचार की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि हमें पता हो कि हम किससे और क्यों संचार कर रहे हैं।

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