क्यों जरूरी हो गया है लिंक्ड इन प्रोफाइल बनाना!

यह अपनी—अपनी पसंद हो सकती है कि आप किस सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उपस्थित हों, सक्रिय हों, अपनी जान-पहचान आगे बढ़ाएं। लेकिन इस बात पर जरा गौर कीजिए जो मैं अपने अनुभव से आपको बताने जा रहा हूं।

दरअसल पिछले दिनों मैं कुछ नई पार्टनरशिप के लिए काम कर रहा था। इसके लिए सामान्य बातचीत और कुछ विषयों पर सहमति बनने के बाद दस्तावेजों तक बात गई तो मैं यह देखकर हैरान था कि संस्था के किसी भी तरह के दस्तावेज की जगह मुझे उसमें संस्था की लिंक्ड इन आईडी दर्ज करने को कहा था। बात यहीं तक खत्म नहीं हुई, इस दस्तावेज में जिन चार—पांच साथियों की प्रोफाइल मुझे देनी थी, उसके लिए भी मुझे उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल का लिंक मांगा गया था।

तो कहानी यह है अब आपसे संस्था का लंबा—चौड़ा चिट्ठा नहीं मांगा जा रहा है, न उसमें काम करने वाले साथियों का, केवल लिंक्डइन प्रोफाइल का विश्लेषण कर यह मापा जा रहा है कि आप कहां, कैसे और कितने सक्रिय हैं।

वो तो भला हो कि पिछले कुछ समय में हमने संस्थागत रूप से भी और व्यक्तिगत रूप से भी इस पेशेवर प्लेटफार्म पर खुद को सक्रिय किया है, यदि ऐसा नहीं किया होता तो हम पहली ही बातचीत में असफल करार दिए जाते। यानी यदि आपको अपने प्रोफेशनल प्रोफाइल को सोशल मीडिया के जरिए बेहतर बनाना है तो लिंक्डइन पर काम करना ही होगा। यह मैं किसी लिंक्डइन के विज्ञापनकर्ता की तरह नहीं कह रहा, अपने अनुभव से आपको बता रहा हूं ताकि आपके पास ऐसा कोई अवसर आए तो दाएं—बाएं न देखना पड़े।

ऐसा इसलिए भी कि स्टोरी टेलिंग पर एक प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए भी हम अपने साथियों को इस बात के लिए संवाद करते हैं कि कौन सा सोशल मीडिया प्लेटफार्म किस उद्देश्य या आडियंस के लिए ठीक है। हमारी इन सीखों का बहुत सारे साथी सम्मान भी कर लेते हैं, और आगे बढ़ाते हैं। जब वे इसका फायदा सुनाते हैं तो लगता है कि चलो कुछ तो काम का काम कर रहे हैं।

तो मित्रों, आप अपने-अपने मकसद से, शौक से, जिस भी प्लेटफार्म पर हों, रहें, इसका फैसला आप खुद करें, पर मैं कहूंगा कि अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल को लिंक्ड इन पर जरूर सक्रिय रखें।

शुक्रिया।

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