
भारत में सामाजिक और नागरिक संस्थाएं सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय हैं, लेकिन व्यापक समाज से प्रभावी संवाद न होने के कारण उनकी नकारात्मक छवि पेश की जाती रही है। इस दूरी को मिटाने के लिए संस्थाओं को केवल अपने लाभार्थियों तक सीमित न रहकर रणनीतिक संचार अपनाने की आवश्यकता है।
इसी उद्देश्य से पिछले पांच वर्षों में एक पहल के तहत 300 संस्थाओं के 800 से अधिक प्रतिनिधियों को स्टोरीटेलिंग का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 50 संस्थाओं ने ‘सिविक आख्यान’ कार्यक्रम के अंतर्गत गहन कार्यशालाओं में भाग लेकर कहानियां और पॉडकास्ट तैयार किए, जिससे समाज में उनके प्रभाव और विश्वास को मजबूती मिली है।
यहाँ प्रस्तुत है कहानियों का भाग 2
